PM Kusum Jharkhand Login, Apply Online, Registration, Status Check, etc

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM Yojana) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में diesel और grid electricity की निर्भरता कम करना तथा किसानों की आय बढ़ाना है। यह योजना New & Renewable Energy Ministry (MNRE) द्वारा संचालित की जाती है और तीन मुख्य components पर आधारित है:

  • Component-A: Decentralized grid-connected solar power plants (up to 2 MW) लगाना, जहां किसान अपनी barren land पर solar plant install करके बिजली DISCOM को बेच सकते हैं।
  • Component-B: Standalone solar agriculture pumps (up to 7.5 HP) की installation, खासकर off-grid areas में।
  • Component-C: Existing grid-connected pumps की solarisation (Individual Pump Solarisation या Feeder Level Solarisation)।

झारखंड में यह योजना JREDA (Jharkhand Renewable Energy Development Agency) द्वारा implement की जा रही है। राज्य में Component-B के तहत अच्छा progress है – लगभग 52,000+ solar pumps sanctioned और 41,000+ installed हो चुके हैं (2025 तक के आंकड़े), जिससे झारखंड देश में top-performing states में शामिल है। किसानों को 30% Central Financial Assistance (CFA) मिलती है, राज्य सरकार से कम से कम 30% subsidy, और बाकी हिस्सा farmer या bank loan से। कई मामलों में farmer को सिर्फ 10% initial contribution देना पड़ता है।

यह योजना farmers को ‘Urjadata’ बनाने में मदद कर रही है, irrigation costs कम कर रही है और environment-friendly energy promote कर रही है। झारखंड के इच्छुक किसान official portal https://pmkusum.jharkhand.gov.in पर registration कर सकते हैं।

PM Kusum Jharkhand

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान

झारखंड में सोलर पंप स्थापना के लिए 60% सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन, स्थिति जांच और सभी महत्वपूर्ण सेवाएं एक जगह।

📞 हेल्पलाइन नंबर

📍 पता:

3rd Floor, SLDC Building, Kusai, Doranda

Ranchi – 834002, Jharkhand

🎁 योजना के लाभ

  • ✓ सोलर पंप पर 60% सब्सिडी (केंद्र 30% + राज्य 30%)
  • ✓ केवल 10% भुगतान करें, 30% बैंक लोन
  • ✓ डीजल पंप से मुक्ति और बिजली की बचत
  • ✓ अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करें

📋 आवश्यक दस्तावेज़

आधार कार्ड खेत के दस्तावेज बैंक पासबुक पासपोर्ट साइज फोटो मोबाइल नंबर बिजली कनेक्शन (यदि हो)
अभी आवेदन करें →

What is PM Kusum Yojana Jharkhand?

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM KUSUM Yojana) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में diesel और grid electricity पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और renewable energy को बढ़ावा देना है। यह योजना Ministry of New and Renewable Energy (MNRE) द्वारा संचालित है और तीन मुख्य components पर आधारित है: Component-A में decentralized grid-connected solar power plants (up to 2 MW) लगाए जाते हैं, जहां किसान barren land पर plant install कर DISCOM को बिजली बेच सकते हैं; Component-B में standalone off-grid solar agriculture pumps (up to 7.5 HP) की installation होती है; और Component-C में existing grid-connected pumps की solarisation (Individual Pump Solarisation या Feeder Level Solarisation) की जाती है।

झारखंड में यह योजना Jharkhand Renewable Energy Development Agency (JREDA) द्वारा implement की जा रही है। राज्य में Component-B के तहत सबसे अच्छा progress है, जहां नवंबर 2025 तक लगभग 52,985 solar pumps sanctioned और 41,467 से अधिक installed हो चुके हैं। झारखंड देश में standalone solar pumps installation के मामले में top-performing states में शामिल है, जिससे हजारों किसान लाभान्वित हुए हैं। Component-A और Component-C में अभी तक कोई बड़ा installation नहीं हुआ है। योजना के तहत farmers को 30% Central Financial Assistance (CFA) मिलती है, राज्य सरकार से कम से कम 30% subsidy, और कुछ मामलों में कुल subsidy 90-97% तक पहुंच जाती है, जिससे किसान का contribution बहुत कम (केवल 10% या कम) रहता है।

यह योजना किसानों को ‘Urjadata’ बनाने में मदद कर रही है, irrigation costs घटा रही है, diesel पर निर्भरता कम कर रही है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है। इच्छुक किसान झारखंड के official portal

PM Kusum Yojana Jharkhand Overview

क्रमांकविवरणजानकारी
1योजना का पूरा नामप्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) – झारखंड
2शुरूआत2019 (केंद्र सरकार द्वारा), झारखंड में JREDA द्वारा क्रियान्वयन
3मुख्य उद्देश्यकिसानों को सोलर पंप/सौर ऊर्जा से सिंचाई सुविधा, डीजल-बिजली खर्च कम करना, आय बढ़ाना
4मुख्य घटक (झारखंड फोकस)कंपोनेंट-बी: स्टैंडअलोन सोलर वाटर पंप (सबसे लोकप्रिय), कंपोनेंट-ए: बंजर जमीन पर सोलर प्लांट
5सब्सिडी/आर्थिक सहायताकुल लागत का 30% केंद्र सरकार, 30-60% राज्य/अन्य, किसान का योगदान 10-40% (कुछ मामलों में 90% तक सब्सिडी उपलब्ध, किसान को केवल 10% भुगतान)
6लाभमुफ्त बिजली, सिंचाई में आसानी, डीजल/बिजली बिल शून्य, अतिरिक्त बिजली बेचकर आय, पर्यावरण संरक्षण
7पात्रताझारखंड का किसान, कृषि भूमि/कुआं/ट्यूबवेल होना, 2-5 HP तक सोलर पंप के लिए उपयुक्त
8आवेदन प्रक्रियाऑनलाइन: आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.jharkhand.gov.in या राष्ट्रीय पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in पर रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज अपलोड करें
9आवश्यक दस्तावेजआधार कार्ड, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर आदि
10वर्तमान स्थिति (2025-26 तक)झारखंड में हजारों सोलर पंप स्वीकृत, 10,000+ पंप स्थापना का लक्ष्य, निरंतर प्रगति
11अधिक जानकारीवेबसाइट: pmkusum.jharkhand.gov.in या JREDA पोर्टल पर संपर्क करें

PM Kusum Yojana Jharkhand योजना की पात्रता और आवश्यक मानदंड

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM Yojana) झारखंड में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण केंद्र प्रायोजित योजना है। यह योजना JREDA (Jharkhand Renewable Energy Development Agency) द्वारा झारखंड में लागू की जा रही है। मुख्य पोर्टल: https://pmkusum.jharkhand.gov.in/

योजना के तीन मुख्य कंपोनेंट हैं, और पात्रता सामान्यतः केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों पर आधारित है, जिसमें राज्य स्तर पर कुछ प्राथमिकताएँ हो सकती हैं। 2025-2026 में झारखंड में मुख्य रूप से Component-B (स्टैंडअलोन सोलर पंप) पर फोकस है, जिसमें हजारों सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है।

सामान्य पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

झारखंड में योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित मुख्य शर्तें पूरी करनी आवश्यक हैं:

  • आवेदक झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक किसान होना चाहिए (व्यक्तिगत किसान, संयुक्त खेत मालिक, पानी उपयोगकर्ता संघ, प्राथमिक कृषि ऋण समिति आदि)।
  • आवेदक के पास कृषि भूमि का स्वामित्व होना चाहिए (किराएदार किसान कुछ मामलों में पात्र हो सकते हैं, लेकिन प्राथमिकता भूमि मालिकों को)।
  • सिंचाई की आवश्यकता होना चाहिए (डीजल/बिजली पंप चलाने वाले किसान प्राथमिकता पर)।
  • माइक्रो-इरिगेशन (ड्रिप/स्प्रिंकलर) सिस्टम का उपयोग करने वाले या करने की इच्छा रखने वाले किसानों को प्राथमिकता।
  • छोटे एवं सीमांत किसानों को अधिक प्राथमिकता।
  • आवेदक की बैंक क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी होनी चाहिए (कुछ मामलों में)।
  • योजना में शामिल होने के लिए किसान प्रमाण पत्र या भूमि दस्तावेज आवश्यक।

ध्यान दें: Component-B और C में सब्सिडी अधिक मिलती है (केंद्र 30-50%, राज्य अतिरिक्त, कुल 60-90% तक सब्सिडी संभव)। Component-A में सब्सिडी कम या नहीं होती, लेकिन अतिरिक्त आय संभव।

कंपोनेंट के अनुसार मुख्य पात्रता

  1. Component-B (ऑफ-ग्रिड/स्टैंडअलोन सोलर वॉटर पंप)
    • सबसे लोकप्रिय झारखंड में।
    • 2-10 HP तक के सोलर पंप।
    • पात्र: जिनके पास ग्रिड बिजली नहीं पहुँचती या डीजल पंप चलाते हैं।
    • सब्सिडी: केंद्र + राज्य से कुल 60-90% तक (किसान को मात्र 10% योगदान)।
  2. Component-C (ग्रिड-कनेक्टेड एग्रीकल्चर पंप सोलराइजेशन)
    • मौजूदा बिजली पंप को सोलर बनाना।
    • पात्र: जिनके पास ग्रिड कनेक्शन है।
    • लाभ: दिन में मुफ्त/सस्ती बिजली + सरप्लस बेचने का विकल्प।
  3. Component-A (ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट 0.5-2 MW)
    • बंजर/पड़ती भूमि पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचना।
    • पात्र: भूमि मालिक किसान, सहकारी समिति आदि।
    • सब्सिडी: सीमित, मुख्य लाभ बिजली बेचकर आय।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन ऑनलाइन https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ पर करते समय या संबंधित कार्यालय में जमा करते समय निम्नलिखित दस्तावेज स्कैन करके अपलोड/संलग्न करने होते हैं:

  1. आधार कार्ड (Aadhaar Card) – आवेदक का (या अधिकृत प्रतिनिधि का) – सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य।
  2. भूमि स्वामित्व के दस्तावेज (Land Ownership Documents) – जैसे:
    • जमाबंदी (Jamabandi)
    • खाता-खेसरा (Khata-Khesra)
    • RTC/पट्टा/भूमि रिकॉर्ड
    • यदि किराए पर है तो वैध लीज एग्रीमेंट (कुछ मामलों में स्वीकार्य)।
  3. बैंक पासबुक या बैंक खाता विवरण (Bank Passbook/Cancelled Cheque) – आधार से लिंक होना चाहिए, सब्सिडी ट्रांसफर के लिए।
  4. पासपोर्ट साइज फोटो (Passport Size Photograph) – आवेदक की हाल की।
  5. मोबाइल नंबर – रजिस्ट्रेशन और OTP के लिए (आधार से लिंक होना बेहतर)।
  6. किसान प्रमाण पत्र या कृषि संबंधी प्रमाण (Farmer Certificate) – यदि उपलब्ध हो, तो प्राथमिकता मिलती है।
  7. मौजूदा पंप का विवरण (यदि लागू हो) – डीजल/बिजली पंप की फोटो, बिल या कनेक्शन प्रमाण (Component-B में प्राथमिकता के लिए)।
  8. अन्य सहायक दस्तावेज (यदि आवश्यक हों):
    • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए अतिरिक्त लाभ के मामले में)
    • स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) – भूमि कृषि योग्य होने और सिंचाई आवश्यकता का।
    • यदि समूह/सहकारी आवेदन तो रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और पंजीकरण चरण

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) झारखंड में ऑनलाइन आवेदन मुख्य रूप से JREDA द्वारा संचालित https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में (जनवरी 2026) योजना Component-B (स्टैंडअलोन सोलर वॉटर पंप) के लिए सक्रिय है, और पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन/आवेदन प्रक्रिया मोबाइल OTP आधारित है। योजना मार्च 2026 तक चलेगी, इसलिए जल्दी आवेदन करें।

ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं ब्राउजर में https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ खोलें। (यदि हिंदी में देखना चाहें तो भाषा हिंदी चुनें।) होमपेज पर “New Registration”, “Farmer Registration” या “Apply Now” / “आवेदन करें” जैसा बटन दिखेगा।
  2. रजिस्ट्रेशन/पंजीकरण शुरू करें
    • मोबाइल नंबर दर्ज करें (आधार से लिंक होना बेहतर, क्योंकि OTP आएगा)।
    • OTP मोबाइल पर आएगा, उसे दर्ज कर Verify करें।
    • यदि पहले से रजिस्टर्ड हैं तो Login करें (मोबाइल + OTP से)।
    • नए यूजर के लिए Register पर क्लिक कर विवरण भरें:
      • नाम
      • मोबाइल नंबर
      • ईमेल (वैकल्पिक)
      • राज्य: झारखंड (स्वतः आएगा)
      • जिला, ब्लॉक, गांव आदि।
  3. लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर जाएं
    • My Profile पूरा करें (यदि जरूरी हो)।
    • New Application या Apply for Component चुनें।
    • मुख्य रूप से Component-B (ऑफ-ग्रिड सोलर पंप) चुनें, क्योंकि झारखंड में यही सबसे ज्यादा चल रहा है।
    • पंप क्षमता चुनें (जैसे 3 HP, 5 HP, 7.5 HP आदि)।
  4. आवेदन फॉर्म भरें
    • व्यक्तिगत विवरण: नाम, पिता का नाम, आधार नंबर, पता।
    • भूमि विवरण: खाता-खेसरा नंबर, जमाबंदी, भूमि का प्रकार (कृषि), सिंचाई की आवश्यकता।
    • मौजूदा पंप विवरण (यदि डीजल/बिजली पंप है तो)।
    • बैंक विवरण: खाता संख्या, IFSC, पासबुक से लिंक (सब्सिडी DBT के लिए)।
  5. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
    • आधार कार्ड
    • भूमि दस्तावेज (जमाबंदी/खाता-खेसरा)
    • बैंक पासबुक/कैंसल चेक
    • पासपोर्ट साइज फोटो
    • अन्य (किसान प्रमाण पत्र, यदि लागू) प्रत्येक फाइल PDF/JPG में, साइज 1-2 MB रखें।
  6. सबमिट और पेमेंट (यदि लागू)
    • फॉर्म चेक करें और Submit करें।
    • कुछ मामलों में किसान का न्यूनतम योगदान (10-40% तक, सब्सिडी के बाद) ऑनलाइन पेमेंट से जमा करें।
    • Application Number / Reference ID स्क्रीन पर आएगा, इसे नोट कर लें और प्रिंटआउट लें।
  7. आवेदन ट्रैकिंग और स्टेटस चेक
    • लॉगिन करके Track Application या My Applications में जाएं।
    • स्टेटस: Submitted → Verified → Approved → Pump Installation → Subsidy Release।
    • यदि कोई कमी हो तो पोर्टल पर ही सुधार या अपडेट करें।

PM-KUSUM yojana jharkhand Status check

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) झारखंड में आवेदन स्थिति (Application Status) चेक करने की प्रक्रिया बहुत सरल है। झारखंड का समर्पित पोर्टल JREDA द्वारा संचालित है, और वर्तमान में (जनवरी 2026) योजना Component-B (स्टैंडअलोन सोलर वॉटर पंप) के तहत सक्रिय है। कोई सार्वजनिक लाभार्थी सूची (Beneficiary List) अभी तक जारी नहीं हुई है, लेकिन व्यक्तिगत आवेदन स्थिति आसानी से ट्रैक की जा सकती है।

आवेदन स्थिति चेक कैसे करें (Step-by-Step)

  1. आधिकारिक ट्रैकिंग पेज पर जाएं ब्राउजर में यह लिंक खोलें: https://pmkusum.jharkhand.gov.in/JH/TrackApp.html (यह झारखंड स्पेसिफिक ट्रैक एप्लीकेशन पेज है। मुख्य लैंडिंग पेज: https://pmkusum.jharkhand.gov.in/JH/landing.html)
  2. आवश्यक विवरण दर्ज करें
    • Application Number (आवेदन संख्या) – आवेदन सबमिट करने पर मिली थी।
    • Consumer Mobile Number (उपभोक्ता मोबाइल नंबर) – जो रजिस्ट्रेशन के समय इस्तेमाल किया गया था (OTP आधारित)। दोनों भरकर Submit या Track बटन दबाएं।
  3. स्टेटस देखें स्टेटस में ये स्टेज दिख सकती हैं:
    • Submitted (जमा किया गया)
    • Under Verification (सत्यापन चल रहा है)
    • Approved (स्वीकृत)
    • Installation Pending (इंस्टॉलेशन बाकी)
    • Pump Installed / Subsidy Released (पंप लगा / सब्सिडी जारी) यदि अप्रूव्ड है, तो वेंडर जल्द संपर्क करेगा सर्वे और इंस्टॉलेशन के लिए।

यदि Application Number नहीं पता हो तो क्या करें?

  • पहले लॉगिन करके चेक करें: मुख्य पोर्टल पर Login (मोबाइल OTP से) → My Applications या Dashboard में सभी आवेदनों की लिस्ट और स्टेटस मिलेगा।
  • यदि भूल गए हैं: JREDA कार्यालय या हेल्पलाइन से संपर्क करें (नीचे विवरण)।

सब्सिडी और वित्तीय सहायता विवरण

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) झारखंड में सब्सिडी और वित्तीय सहायता मुख्य रूप से Component-B (स्टैंडअलोन/ऑफ-ग्रिड सोलर वॉटर पंप) पर फोकस है, क्योंकि झारखंड में 2025-2026 में यही सबसे सक्रिय है। योजना मार्च 2026 तक चलेगी, और JREDA द्वारा लागू की जा रही है।

सब्सिडी संरचना (Subsidy Structure – Component-B)

केंद्र सरकार (MNRE) और राज्य सरकार (झारखंड) मिलकर भारी सब्सिडी प्रदान करती हैं। सामान्यतः निम्नलिखित ब्रेकअप है (2025-2026 के अनुसार, विभिन्न स्रोतों से अपडेटेड):

  • केंद्र सरकार सब्सिडी (CFA): 30% (कुल लागत का)
  • राज्य सरकार सब्सिडी (झारखंड): 30% (कई मामलों में अतिरिक्त या समान, कुल 60% तक)
  • किसान का योगदान: 10-40% (अधिकतर मामलों में केवल 10% ही किसान को जमा करना पड़ता है, बाकी सब्सिडी और लोन से कवर होता है)
  • कुल सब्सिडी: 60-90% तक (छोटे/सीमांत/SC/ST किसानों को प्राथमिकता पर अधिक)

विशेष नोट झारखंड के लिए:

  • झारखंड में 2025 बजट में 10,000 सोलर पंप लगाने के लिए ₹150 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • JREDA के तहत किसान को कुल लागत का मात्र 10% अग्रिम जमा करना होता है (आवेदन अप्रूवल के बाद वेंडर को)।
  • सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या वेंडर को सीधे जाती है।
  • यदि लोन की जरूरत हो तो बैंक से 30% तक कम ब्याज पर लोन मिल सकता है (प्राथमिक क्षेत्र लेंडिंग के तहत)।
  • SC/ST/छोटे किसानों को अतिरिक्त लाभ संभव।

HP के अनुसार अनुमानित लागत और सब्सिडी उदाहरण (Approximate, 2025-2026)

(ये अनुमानित हैं, वास्तविक बेंचमार्क कॉस्ट MNRE/JREDA द्वारा तय होती है। पोर्टल पर चेक करें।)

  • 3 HP सोलर पंप: कुल लागत ≈ ₹2.5-3.5 लाख → किसान का हिस्सा (10%) ≈ ₹25,000-35,000 → सब्सिडी ≈ ₹1.5-2.5 लाख+
  • 5 HP सोलर पंप: कुल लागत ≈ ₹4-5.5 लाख → किसान का हिस्सा ≈ ₹40,000-55,000 → सब्सिडी ≈ ₹2.5-4 लाख+
  • 7.5-10 HP: उच्च क्षमता पर सब्सिडी सीमित, लेकिन उपलब्ध।

ध्यान दें:

  • Component-C (ग्रिड-कनेक्टेड पंप सोलराइजेशन) में भी समान सब्सिडी (30% केंद्र + राज्य), लेकिन झारखंड में कम फोकस।
  • Component-A में सब्सिडी कम (मुख्य लाभ बिजली बेचकर)।
  • सब्सिडी की राशि वेंडर को जाती है, किसान को पंप इंस्टॉलेशन के बाद मुफ्त/सस्ती सिंचाई मिलती है (डीजल खर्च बचत + पर्यावरण लाभ)।

वित्तीय सहायता कैसे मिलती है?

  1. आवेदन अप्रूवल → किसान 10% जमा करता है।
  2. वेंडर पंप लगाता है (JREDA अप्रूव्ड)।
  3. इंस्टॉलेशन के बाद सर्वे → सब्सिडी रिलीज (90 दिनों के अंदर)।
  4. लोन यदि जरूरी: बैंक से आसान (RBI प्राथमिकता क्षेत्र)।

Pm kusum yojana jharkhand list

प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) झारखंड में लाभार्थी सूची (Beneficiary List) या चयनित किसानों की सूची (Selected Farmers List) अभी तक सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है (जनवरी 10, 2026 तक की जानकारी के अनुसार)।

झारखंड में योजना मुख्य रूप से JREDA द्वारा Component-B (स्टैंडअलोन सोलर वॉटर पंप) के तहत चल रही है, और 2025-26 बजट में 10,000 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है (₹150 करोड़ आवंटित)। पहले चरणों में 2,500-8,500 पंप प्रति वर्ष लक्ष्य रखे गए हैं, लेकिन कोई आधिकारिक PDF या सार्वजनिक लाभार्थी सूची उपलब्ध नहीं है।

वर्तमान स्थिति (Current Status – January 2026)

  • आवेदन प्रक्रिया जारी है: पोर्टल https://pmkusum.jharkhand.gov.in/ पर नए आवेदन/रजिस्ट्रेशन स्वीकार किए जा रहे हैं।
  • चयन प्रक्रिया: आवेदनों की जांच जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नर द्वारा की जाती है। कभी-कभी लॉटरी/ड्रा या प्राथमिकता (छोटे/सीमांत/SC/ST किसान) के आधार पर चयन होता है।
  • सूची कैसे चेक करें? कोई अलग “Beneficiary List” या “Selected List” लिंक नहीं मिला। इसके बजाय:
    1. पोर्टल पर लॉगिन करें (मोबाइल OTP से)।
    2. My Applications या Track Application सेक्शन में जाएं।
    3. अपना Application Number/Reference ID डालकर स्टेटस चेक करें (Submitted → Verified → Approved → Installation Pending आदि)।
    • यदि आपका आवेदन Approved है, तो आप चयनित माने जाते हैं और वेंडर सर्वे/इंस्टॉलेशन के लिए संपर्क करेगा।

Helpline

समस्या हो तो संपर्क करें:

  • JREDA हेल्पलाइन/ईमेल: info@jreda.com या 0651-2491161
  • पता: 3rd Floor, SLDC Building, Kusai, Doranda, Ranchi-834002
  • फर्जी एजेंटों से सावधान – कोई कैश न दें, सब सरकारी पोर्टल से।